फाल्गुल मास की एकादशी पर लगेगा खाटू श्याम मेला, भक्तों का लगेगा तांता

Baba Khatu Shyam Mela :  हारे का सहारा कहे जाने वाले खाटू श्याम के मंदिर में लोग दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं। मान्यता है कि बाबा अपने भक्तों की सभी मुरादें पूरी करते हैं। वैसे तो हर एकादशी पर खाटू श्याम के दर्शन के लिए यहां लाखों की संख्या में भक्त आते हैं, लेकिन फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की एकादशी को बहुत ही खास माना जाता है। इसी दिन लक्खी मेले का आयोजन किया जाता है जोकि फाल्गुन मास की द्वादशी तक चलता है।
इस तारीख से लगेगा लक्खी मेला :
इस साल खाटू श्याम मेला फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष में लगेगा। होली से पहले 12 मार्च से मेले की शुरूआत होगी। दस दिनों तक लगने वाले इस मेले को लक्खी मेला भी कहा जाता है। यह मेला 21 मार्च यानी द्वादशी तक चलेगा।
फाल्गुन मास में ही बर्बरीक ने दिया था शीश का दान :
मान्यता है कि फाल्गुन मास में ही बर्बरीक ने भगवान श्रीकृष्ण को अपने शीश का दान दिया था। उसी दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया था कि कलयुग में तुम मेरे ही नाम से पूजे जाओगे। तभी से बर्बरीक का नाम खाटू श्याम पड़ा।
इसलिए कहा जाता है बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा :
बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है। महाभारत के युद्व में जाते समय भीम पोत्र बर्बरीक ने अपनी माता मोरवी से पूछा था कि वह युद्व में किसका साथ दें तो उनकी माता मोरवी ने बर्बरीक से कहा कि जो हार रहा हो, तुम उसी का साथ देना। उसी समय बर्बरीक ने अपनी माता मोरवी को वचन दिया था कि मैं हारे हुए का साथी बनूंगा। तभी से बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *